(बैठता है, जेब से पानी की बोतल निकालता है, एक घूँट लेता है) सर, मैं चंदू। आपकी कंपनी में इंटरव्यू देने आया हूँ। मेरे बारे में सुनकर हैरान मत होइएगा।
संस यानी बेटे?
(पीता है) सर, पहला टेस्ट पास। देखो मैंने आपकी चीज़ छीनी और आप परेशान हो गए। असल ज़िंदगी में भी ऐसा ही होता है। मैं तैयार हूँ सर!
पॉवरपॉइंट? बिजली जाने से क्या लेना-देना?
(गर्व से) जी सर! मैं एक स्टार्टअप में था। वहाँ मैं ही अकेला कर्मचारी था। CEO भी मैं, चपरासी भी मैं। कंपनी का नाम था - "चंदू एंड संस"।
मैंने बोला, "सर, गलती हमारी है। असल में हम आपको देते हैं प्रोडक्ट, लेकिन साथ में फ्री में 'बेकारपन' का टैग भी देते हैं। आपको वो अलग से कटवाना पड़ता है।"
(खुद से) ये आदमी कल भी आया था। कल मेरी घड़ी ले गया था।
(बैठता है, जेब से पानी की बोतल निकालता है, एक घूँट लेता है) सर, मैं चंदू। आपकी कंपनी में इंटरव्यू देने आया हूँ। मेरे बारे में सुनकर हैरान मत होइएगा।
संस यानी बेटे?
(पीता है) सर, पहला टेस्ट पास। देखो मैंने आपकी चीज़ छीनी और आप परेशान हो गए। असल ज़िंदगी में भी ऐसा ही होता है। मैं तैयार हूँ सर!
पॉवरपॉइंट? बिजली जाने से क्या लेना-देना?
(गर्व से) जी सर! मैं एक स्टार्टअप में था। वहाँ मैं ही अकेला कर्मचारी था। CEO भी मैं, चपरासी भी मैं। कंपनी का नाम था - "चंदू एंड संस"।
मैंने बोला, "सर, गलती हमारी है। असल में हम आपको देते हैं प्रोडक्ट, लेकिन साथ में फ्री में 'बेकारपन' का टैग भी देते हैं। आपको वो अलग से कटवाना पड़ता है।"
(खुद से) ये आदमी कल भी आया था। कल मेरी घड़ी ले गया था।